बाबा ऐसा वर ढूँढो ना
जिसको गिनती कम आती हो
प्यार करे तो ज़्यादा कर दे
मेरे दुख को आधा कर दे
मेरे साथ बराबर रोए
मैं जांगू तो वो ना सोए
बाबा ऐसा वर ढूँढो
औरत जिसकी ढाल रही हो
जो ममता में माँ को समझे
ना बोलूँ तो ना को समझे
जली रोटियाँ हसकर खाये
वो भी मेरा हाथ बटाये
जिसको औरत समझ में आए
बाबा ऐसा वर ढूँढो
राहें देख के पाँव ना मोडे
आपके जैसे हाथ ना छोड़े
मेरी बेटी जिसे देख कहे
अपने जैसा वर ढूँढो ना
बाबा ऐसा वर ढूँढो ना

